👮 डिजिटल अरेस्ट · महाराष्ट्रसेवानिवृत्त पुलिसकर्मी को बनाया 'डिजिटल कैदी', 71 लाख गंवाए!
21 अक्टूबर 2026 · फ़्री प्रीव्यू🔒 स्रोत-सत्यापित

सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी को बनाया 'डिजिटल कैदी', 71 लाख गंवाए!

यह घटना महाराष्ट्र के नाशिक से है, जहाँ एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी साइबर ठगों का शिकार बन गए। बीते 28 सितंबर को उनके फोन पर एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को मुंबई ATS से इंस्पेक्टर सीमा रॉय बताया। उसने पूछा कि क्या वे कभी कश्मीर गए थे। मना करने पर, उसने कहा कि कश्मीर में पकड़े गए एक आतंकवादी के पास से उनका आधार कार्ड मिला है, जिसका इस्तेमाल 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक बैंक खाता खोलने में हुआ है। करीब एक घंटे बाद, उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और उसने खुद को विक्रम सिंह बताया। उसने उन्हें एक फर्जी FIR दिखाकर धमकाया और कहा कि उनके खिलाफ NIA जांच चल रही है और उनकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। पीड़ित को घर से बाहर निकलने से मना किया गया और लगभग 20 दिनों तक 'डिजिटल गिरफ्तारी' में रखा गया। ठगों ने उनसे उनके परिवार, निवेश और सभी वित्तीय जानकारी के बारे में पूछताछ की। डरकर, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने 5, 8 और 13 अक्टूबर को तीन बार में कुल 71 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। अंतिम लेनदेन के बाद, ठगों ने जवाब देना बंद कर दिया, तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगे जा चुके हैं। उन्होंने 17 अक्टूबर को नाशिक साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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