संपादकीय नीति
अंतिम अपडेट:
DhokhaKhabar का हर कार्ड एक स्पष्ट प्रक्रिया से गुज़रता है: स्रोत चुनना, तथ्य मिलाना, AI-सहायता से ड्राफ़्ट, और प्रकाशन से पहले मानव संपादक की समीक्षा। यह पेज बताता है कि हम क्या करते हैं और कहाँ ग़लती हो सकती है।
स्रोत
हम राज्य साइबर सेल और पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्तियों, I4C/cybercrime.gov.in की सूचनाओं, और स्थापित समाचार प्रकाशकों की रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। हर कार्ड के साथ स्रोत का नाम और मूल लिंक दिया जाता है। जहाँ एक ही घटना पर कई रिपोर्टें हों, वहाँ तथ्यों को मिलाया जाता है।
AI-सहायता और मानव समीक्षा
ड्राफ़्ट तैयार करने में AI सहायता ली जाती है — भाषा और ढाँचे के लिए। हर तथ्य, नाम, जगह और रकम को मूल स्रोत से मिलाया जाता है; यह काम एक मानव संपादक करता है। प्रकाशन से पहले कार्ड की समीक्षा की जाती है। अगर कोई कार्ड AI-सहायता से बना है, तो वह कार्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा रहता है।
नाम और निजता
पीड़ितों और आरोपियों के नाम बदले जाते हैं। हम किसी व्यक्ति पर ऐसा आरोप नहीं लगाते जो स्रोत में न हो। तस्वीरें हमारी अपनी इलस्ट्रेशन होती हैं — हम अख़बारों या प्रकाशकों की फ़ोटो, वीडियो या ग्राफ़िक्स नहीं उठाते।
स्वतंत्रता और पारदर्शिता
DhokhaKhabar किसी समाचार प्रकाशक, बैंक या सरकारी एजेंसी से संबद्ध नहीं है। किसी स्रोत का लिंक देना उसके समर्थन या साझेदारी का दावा नहीं है। यदि कभी प्रायोजित सामग्री प्रकाशित हो, तो उसे स्पष्ट रूप से "प्रायोजित" लेबल किया जाएगा।
सुधार और SLA
तथ्य, श्रेय या भाषा में ग़लती मिलने पर hello@dhokhakhabar.in पर लिखें। हम 48 घंटे के भीतर समीक्षा करते हैं और सही पाए जाने पर सुधार या हटाने की कार्रवाई करते हैं। स्वीकृत सुधार सार्वजनिक रूप से सुधार लॉग में दर्ज किए जाते हैं।
क़ानूनी सलाह नहीं
यह जागरूकता का मंच है, क़ानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। किसी विशेष मामले में योग्य वकील या साइबर सेल से सलाह लें। आपात स्थिति में 1930 पर कॉल करें।
संपादकीय टीम: /authors/editorial-team · सुधार लॉग: /corrections