लॉटरी/प्राइज़

लॉटरी, प्राइज़, किस्मत वाले मैसेज — हर कार्ड असली पुलिस/समाचार स्रोत पर आधारित, हर तथ्य मूल रिपोर्ट से मिलाया गया।

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लॉटरी/प्राइज़ क्या है — और कैसे पहचानें?

लॉटरी घोटाले में मैसेज आता है कि आपने किसी कंपनी या सरकारी योजना की लॉटरी में करोड़ों जीते हैं। जीतने के लिए "टैक्स", "प्रोसेसिंग फीस" या "बैंक वेरिफिकेशन" के नाम पर पहले पैसे जमा करने को कहा जाता है। कभी-कभी नकली चेक की फोटो भी भेजी जाती है।

नियम आसान है: जिस लॉटरी में आपने हिस्सा ही नहीं लिया, उसमें जीत नहीं सकते। असली लॉटरी या प्राइज़ कभी जीतने वाले से पहले पैसे नहीं माँगती। KBC, Amazon या किसी बैंक के नाम का इस्तेमाल करने वाले ऐसे संदेश पूरी तरह फ़र्ज़ी होते हैं।

ऐसे मैसेज को ब्लॉक और रिपोर्ट करें, लिंक न खोलें, और किसी भी खाते में पैसे न भेजें। अगर पैसे भेज चुके हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और बैंक से लेन-देन रोकने का अनुरोध करें।

धोखा हो जाए तो क्या करें — क्रम से

  1. सबसे पहले 1930 पर कॉल कीजिए। यह राष्ट्रीय साइबर-धोखाधड़ी हेल्पलाइन है और पहले घंटे में दी गई सूचना से बैंक लेन-देन रोक सकते हैं। कॉल करते समय लेन-देन की तारीख़, रकम, UPI/खाता संख्या और ठग का नंबर सामने रखिए।
  2. cybercrime.gov.in पर लिखित शिकायत दर्ज कीजिए। हेल्पलाइन पर बात होने के बाद भी ऑनलाइन शिकायत ज़रूरी है — यही आगे की जाँच का आधार बनती है। शिकायत की पावती (acknowledgement number) सहेजकर रखिए।
  3. अपने बैंक को अलग से सूचित कीजिए। कार्ड ब्लॉक कराइए, UPI को रोकिए और लिखित शिकायत भेजिए। बैंक की आंतरिक जाँच हेल्पलाइन की शिकायत से तेज़ चलती है।
  4. सबूत सहेजिए, बातचीत मिटाइए नहीं। चैट के स्क्रीनशॉट, कॉल का समय और नंबर, भेजे गए लिंक और भुगतान की रसीद — यही आगे काम आते हैं। ठग को ब्लॉक कीजिए, पर मैसेज डिलीट नहीं।
  5. परिवार और दोस्तों को बताइए। शर्मिंदगी से बचने के लिए चुप रहना सबसे महँगा फ़ैसला है। जानकारी देने से ठग का वही नंबर या वही लिंक दूसरों तक कम पहुँचता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लॉटरी जीतने पर पहले पैसे माँगे जाएँ तो?

यह घोटाला है। असली लॉटरी या प्राइज़ में जीतने वाले से कोई फीस नहीं ली जाती; टैक्स सीधे भुगतान से कटता है।

क्या KBC/कंपनी के नाम से आए मैसेज असली होते हैं?

नहीं। KBC सहित किसी भी ब्रांड के नाम पर WhatsApp/SMS से करोड़ों की लॉटरी की सूचना नहीं दी जाती। ये सब फ़र्ज़ी संदेश हैं।

नकली चेक की फोटो आई है, क्या करें?

चेक की फोटो कोई मायने नहीं रखती — बैंक में जमा किए बिना वह काग़ज़ है। मैसेज ब्लॉक करें और किसी फीस का भुगतान न करें।

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घोटाले का तरीक़ा बदलता रहता है — आज का लॉटरी/प्राइज़ कल किसी दूसरे नाम से आ सकता है। इसीलिए हर श्रेणी के लाल झंडे एक साथ पढ़ना सबसे कारगर बचाव है।

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